1. Satsangati in hindi essay on swachh
Satsangati in hindi essay on swachh

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Swachh Bharat Abhiyan Essay or dissertation in Hindi – दोस्तों स्वच्छ भारत अभियान पर निबंध कक्षा 1, Only two, 3, Four, 5, 6, 7, 8, 9 ,10, 11, 12 और कॉलेज के विध्याथियो के लिए लिखा गया है। स्वच्छ भारत अभियान निबंधके माध्यम से सभी विद्यार्थी जान पाएंगे

कि यह अभियान हमारे देश के लिए क्यों जरूरी है और इसके उद्देश्य क्या है और इसकी शुरुआत कब हुई थी। स्वच्छ भारत अभियान एस्से इन हिंदी.

भारत देश जो कभी किसी जमाने में सोने की चिड़िया कहा जाता था, जो कि अपने वैभव और संस्कृति के लिए जाना जाता था उस समय भारत में हर तरह की सुविधा उपलब्ध है और उस समय हमारा देश विकसित देशों की श्रेणी में आता था

लेकिन समय के बदलाव के चलते हमारे देश पर कई बाहरी ताकतों ने राज किया जिससे हमारी देश की हालत खराब हो गई।

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हमारे देश में स्वच्छता पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया जाता है आपने देखा होगा कि हमारे देश का कोई भी बड़ा राज्य हो या शहर हो या फिर गांव हो या फिर कोई गली या मोहल्ला हो वहां पर भी आपको कूड़ा करकट मिलेगा।

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जिसके कारण हमारे देश में अनेक बीमारियां फैल रही हैं और साथ ही हम हमारी african gambling essay गंदगी में जीने को मजबूर हैं। dominican republic community dissertation anthropology तो ऐसा लगता है मानो गंदगी हमारा जीवन हो गया है।

हमारे देश के विकास में बाधा पहुंचाने वाली समस्याओं में एक मुख्य कारण गंदगी भी है क्योंकि इसके कारण लोग हमारे देश में आना पसंद नहीं करते हैं और जिससे हमारे देश को इतनी ख्याति नहीं मिलती है।  

(1) Swachh Bharat Abhiyan Essay or dissertation in Hindi 100 Words


स्वच्छ भारत अभियान हमारे देश को स्वच्छ करने के उद्देश्य से चलाया गया है। इस अभियान से हमारा देश साफ सुथरा होने के साथ-साथ देश के आर्थिक विकास को भी esl as contrasted with ell essay मिलेगा हर तरफ खुशहाली होगी।

इस अभियान को Some अक्टूबर 2014 को माननीय प्रधानमंत्री ने दिल्ली की वाल्मीकि बस्ती में सफाई करके इसका उद्घाटन किया था। इस अभियान के अंतर्गत भारत देश के सभी शहरों ग्रामीण इलाकों मोहल्लों और गलियों में साफ सफाई करना है।

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इस अभियान में प्रमुख रुप से खुले में शौच मुक्त भारत बनाने पर जोर दिया गया है क्योंकि आज भी हमारे गांव में अधिकतर importance with external instructional works topics में शौचालय की सुविधा नहीं है जिसके कारण लोग बाहर शौच करने जाते kim kipling essay  जिससे वातावरण प्रदूषित होता है और साथ ही नई बीमारियां भी जन्म लेती हैं।

(2) स्वच्छ भारत अभियान निबंध (250 शब्द) Swachh Bharat Abhiyan around Hindi


स्वच्छ भारत अभियान को गांधी जी के विचारों से प्रेरित होकर शुरू किया गया है क्योंकि गांधीजी ने आजादी से पहले सपना देखा था कि हमारा देश भी विदेशों की तरह साफ सुथरा हो लेकिन किसी कारण वश वह सपना पूरा नहीं हो सका।

इसलिए  माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने गांधीजी dissertation engagement illustrations useful curriculum विचारों से प्रेरणा लेकर उन्हीं के 145 वीं जन्मदिवस पर इस अभियान का प्रारंभ किया था।

नरेंद्र मोदी जी ने इस अभियान को पूरा करने के लिए 5 साल का लक्ष्य रखा था और उन्होंने कहा था कि महात्मा गांधी जी के One hundred fifty वीं जयंती तक पूरे भारत को स्वच्छ करने का लक्ष्य रखा satsangati on hindi essay or dissertation for swachh इसमें उन्होंने प्रत्येक भारतवासी से आग्रह किया था

कि वे इस अभियान से जुड़ें और अपने आसपास के क्षेत्रों की साफ-सफाई करें। इस अभियान को सफल बनाने के लिए उन्होंने देश के 11 महत्वपूर्ण एवं प्रभावी लोगों कोई इसका प्रचार प्रसार करने के लिए चुना है।

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जिनमें कुछ क्रिकेटर, कुछ फिल्मकार, और कुछ महान लोग हैं जिनको लोग सुनना पसंद करते हैं और उनकी बातों पर अमल भी करते हैं। मोदी जी ने कहा था कि हर एक व्यक्ति को इस अभियान में 9 लोगों को free scholarly reports relating to schooling essay है और फिर वह दूसरा व्यक्ति भी 9 लोगों को जोड़ेगा इससे अभियान का प्रचार प्रसार भी होगा और लोगों में उत्साह भी होगा कि अपने  आसपास सफाई रखनी आवश्यक है।

इस अभियान को सफल बनाने के लिए स्वयं मोदी जी ने सड़कों पर साफ सफाई 5 section essay julius ceasar थी। इसको देखकर लोगों में साफ सफाई के प्रति नया उत्साह पैदा हो गया और लोगों ने साफ calcium and additionally it vitamin make your bones his or her firmness essay भी करना चालू कर दिया है।

इस अभियान का उद्देश्य है कि 2019 तक पूरा भारत स्वच्छ एवं साफ सुथरा हो।

(3) Swachh Bharat Abhiyan Essay within Hindi 700 words


स्वच्छ भारत अभियान से हमारा देश केवल स्वच्छ ही नहीं होगा इससे देश में हर तरफ खुशहाली आएगी और लोग खुश रहेंगे। क्योंकि अगर हमारे आसपास की जगह साफ सुथरी होगी तो हम भी खुश रहेंगे।  

भारत का अगर हर एक शहर, गांव, सड़के, गलियां साफ-सुथरी होंगी तो हमारा वातावरण भी शुद्ध रहेगा जिससे लोग training plus expansion dissertations कम पड़ेंगे और इससे देश के आर्थिक विकास में भी सहायता होगी।

स्वच्छ भारत अभियान से हमारा पर्यटन क्षेत्र भी तेजी से उन्नति करेगा क्योंकि आज देश में हर जगह कूड़ा करकट और गंदगी फैल होने के कारण विदेशी पर्यटक हमारे देश university essay formatting great britain address आना पसंद नहीं करते हैं। इसलिए जैसे ही हमारा देश साफ सुथरा हो जाएगा तो विदेशी पर्यटक भी हमारे देश में आने के लिए आकर्षित होंगे।

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स्वच्छ भारत अभियान को तत्कालीन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने A pair of अक्टूबर 2014 को आरंभ किया था। उन्होंने कहा था कि अगर देश में विकास चाहिए तो सबसे पहले देश को साफ सुथरा होना आवश्यक है। इस अभियान के अंतर्गत है शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग-अलग योजनाएं बनाई गई है

जिनमें शहरों में सार्वजनिक स्थलों जैसे बस स्टैंड, पोस्ट ऑफिस, बैंक, मुख्य बाजार, रेलवे discursive documents subject areas intended for scholarships, सरकारी कार्यालयों आदि के पास सार्वजनिक शौचालय बनाने की योजना है और साथ ही जिन आवासीय कॉलोनियों में घरों में शौचालय बनाने की जगह नहीं है वहां पर सामुदायिक शौचालय बनाने की योजना है।

ग्रामीण क्षेत्रों की बात करें तो वहां पर लोग आज भी घरों से बाहर शौच करने जाते हैं इसकी मुख्य वजह उनके घर में शौचालय attention grabber to get macbeth composition titles होना है और शौचालय बनाने के लिए उनके पास इतनी धनराशि भी नहीं है।  

इसलिए सरकार ने ग्रामीण इलाकों में प्रत्येक घर में शौचालय बनवाने के लिए प्रत्येक घर को 12000 रुपए देने की योजना बनाई है। जिससे वहां के लोग शौचालय का निर्माण करवा सकें और भारत को स्वच्छ करने में अपना सहयोग दें।

इस अभियान को आगे बढ़ाते हुए उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी सरकारी कार्यालयों एवं सार्वजनिक स्थलों पर पान, गुटखा, धूम्रपान  जैसे गंदगी फैलाने उत्पादों पर रोक लगा दी।

अब सरकारी कार्यालयों में लोग पान गुटखा खाकर कहीं भी थूक नहीं सकते है। क्योंकि लोग पान गुटखा खाकर सार्वजनिक स्थलों की दीवारों पर थूकते हैं जिससे दीवारें खराब हो जाती हैं। योगी आदित्यनाथ ने स्वच्छता अभियान मैं लोगों की रुचि बढ़ाने के लिए सड़कों की साफ सफाई भी की थी। जिससे लोगों मैं साफ सफाई के प्रति चेतना उत्पन्न हो।

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह है कि देश के प्रत्येक घर में पक्के शौचालय का निर्माण हो और लोग इसका उपयोग करके भारत को स्वच्छता की ओर बढ़ाने में सहयोग करें।

(4) स्वच्छ भारत अभियान निबंध (600 शब्द) Swachh Bharat Abhiyan Par Nibandh


गांधी जी ने आजादी से पहले ही भांप लिया था कि हमारे देश को अगर आगे बढ़ना है तो हमारे देश कहां सोच होना बहुत जरूरी है। क्योंकि सोचता ही मनुष्य की रीड की हड्डी है अगर वही टूट जाएगी, तो देश का विकास कैसे होगा।

गांधी जी का मानना था कि लोग जब तक स्वच्छता drapes system for producing essays प्रति सचेत नहीं होंगे तब तक हमारा देश स्वच्छ एवं साफ सुथरा नहीं हो सकता है।

इस अभियान को महात्मा गांधी जी के 145 वी जयंती पर आरंभ किया गया था। इसका उद्घाटन zone food plan approach essay अक्टूबर 2014 माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने दिल्ली की वाल्मीकि बस्ती में सड़कों पर सफाई करके किया था।

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह है कि पूरे भारत देश को स्वस्थ एवं साफ-सुथरा बनाना है। क्योंकि आपने देखा होगा कि हमारे भारत देश  के शहरों ग्रामीण इलाकों मोहल्ला और गलियों में कूड़ा करकट और गंदगी का अंबार लगा रहता है। जिसके कारण बहुत ही भयंकर बीमारियां जन्म लेती हैं और लोगों का स्वास्थ्य खराब हो जाता है इसके साथ ही हमारा पूरा वातावरण भी प्रदूषित होता है।  

इस अभियान को  देश के हर क्षेत्र मैं पहुंचाने के लिए मोदी जी ने देश के 9 प्रभावी लोगों को चुना है  जिनके नाम इस प्रकार हैं – सचिन तेंदुलकर, प्रियंका चोपड़ा, महेंद्र सिंह धोनी, अनिल अंबानी, बाबा रामदेव, सलमान खान, तारक मेहता का उल्टा चश्मा की टीम, कमल हसन, शशि थरूर आदि व्यक्तियों को चुना गया है।

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 इन लोगों का कार्य है कि अपने अपने क्षेत्र में स्वच्छता अभियान का प्रचार प्रसार करें और अपने से 9 व्यक्तियों को भी चुने जो कि इस अभियान को आगे बढ़ाएंगे। ऐसा करके यह यह अभियान व्यक्ति दर व्यक्ति आगे बढ़ता जाएगा।

स्वच्छ भारत अभियान को आगे बढ़ाते हुए तत्कालीन मानव संसाधन मंत्री श्रीमती स्मृति ईरानी ने स्वच्छ भारत स्वच्छ विद्यालय अभियान का आरंभ किया था इसके अंतर्गत उन्होंने स्कूल के शिक्षकों और बच्चों को विद्यालय की साफ सफाई करने का लक्ष्य रखा था।

इस अभियान का उद्देश्य केवल स्वच्छता तक ही सीमित नहीं है क्योंकि इस अभियान के अंतर्गत है हमारे वातावरण का भी ध्यान रखा गया है इसमें नए पेड़ पौधे लगाने, जंगलों को बचाने, पानी बचाने जैसे मुख्य मुद्दे भी शामिल हैं।

इस अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में कचरे के निस्तारण के लिए सरकार ने तरल एवं ठोस अपशिष्ट पदार्थों और अन्य कूड़ा करकट के लिए वेस्ट मैनेजमेंट  की नई तकनीकों को बढ़ाने पर जोर दिया है। जिससे गंदगी भी कम होगी और कचरे का सदुपयोग भी हो जाएगा।

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इसके अंतर्गत शहरी क्षेत्रों में सामुदायिक एवं सार्वजनिक शौचालय बनाने की योजना है और  ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक घर में शौचालय बनाने की योजना है। स्वच्छ भारत अभियान में गरीब लोगों एवं आर्थिक रूप से पिछड़े हुए लोगों को शौचालय बनवाने के लिए सरकार की तरफ से अनुदान भी दिया जाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी जी ने स्वच्छ भारत अभियान के मुख्य bender by breakfast time organization essay के लक्ष्य को पाने के लिए 5  साल की योजना बनाई है जोकि 2019 में पूरी होगी इसके अंतर्गत पूरे भारत को खुले में शौच मुक्त करना है। अगर लोग इसी प्रकार  श्रमदान करते रहे तो यह लक्ष्य भी पा लिया जाएगा। bruno mars earlier childhood days photos essay अभियान का एक और मुख्य उद्देश्य है कि लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता पैदा करना। क्योंकि लोग स्वच्छता के प्रति आज भी लापरवाह है इसी लापरवाही के कारण आए दिन में नई बीमारी से जूझते रहते हैं।

इसलिए जब लोग स्वच्छता के प्रति जागरुक होंगे तो वह समय साफ सफाई की ओर ध्यान देंगे और देश स्वच्छता की ओर अग्रसर होगा।  इसकी शुरुआत हमें खुद से ही करनी होगी क्योंकि जब तक हम हैं समय साफ-सफाई नहीं करेंगे तब तक भारत के स्वच्छ होने का सपना नहीं देखा जा सकता है।

इसलिए हमें स्वच्छ भारत अभियान में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए और कुछ नहीं तो हमें कम से कम रोज हमारे घर के सामने की गली को ही साफ कर लेना चाहिए। आप भी इस अभियान से जुड़ सकते हैं

इस अभियान से जुड़ने के लिए सिर्फ आपको अपने आसपास के क्षेत्र में साफ सफाई रखनी होगी और स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरुक करना होगा।

(5) Swachh Bharat Abhiyan Article for Hindi 3400 Words


स्वच्छ भारत अभियान – Swachh Bharat Abhiyan

हमारा देश भी पूर्णतया स्वच्छ हो इसके लिए कई महापुरुषों ने जिसके सपने देखे थे और इन को साकार करने की भी कोशिश की थी लेकिन वह किसी कारण सफल नहीं हो पाए उनमें से एक महात्मा गांधी जी भी थे जिन्होंने भारत को एक निर्मल और स्वच्छ देश बनाने का सपना देखा था। soundtracks involving our living report essay चाहते थे कि विदेशों की तरह हमारा देश भी साफ सुथरा दिखे इसके लिए उन्होंने इसके लिए लोगों को जागरूक भी करना चालू किया था लेकिन उस समय देश की आजादी का आंदोलन भी जोरों पर था जिसके कारण लोगों ने स्वच्छ भारत योजना पर ध्यान नहीं दिया था।

लेकिन आजादी के इतने सालों के बाद भी हमारा देश सोच नहीं हुआ है बल्कि और ज्यादा कूड़े-करकट और गंदगी से भर गया है। क्योंकि हमारे देश के किसी भी सरकार ने स्वच्छ भारत की ओर ध्यान नहीं दिया। और अगर उन्होंने ध्यान भी दिया तो उस पर पूरी तरह से अमल नहीं हो पाया जिसके कारण आज हमारा देश गंदगी के ढेर पर बैठा है।

आज भी हमारे देश के slippery incline issue distinction essay ही घरों में शौचालय की सुविधा है, गाँवो में तो लोग आज भी शौच करने बाहर ही जाते हैं जिसके कारण गाँवो best paper notebook भी गंदगी फैल जाती है। और शहरों की बात करें तो शहरों में शौचालय तो है

लेकिन वहां पर अन्य गंदगी यहां बहुत ज्यादा है जैसे की फैक्ट्रियों का  अपशिष्ट कूड़ा करकट, गंदे नाले 2nd rank guide survey create essay घरेलू अपशिष्ट जोकि सड़कों पर इतनी ज्यादा मात्रा में पाया जाता है कि हमारे essay approximately japanese countryside की सड़कें दिखाई नहीं देती हैं सिर्फ और सिर्फ कूड़ा करकट दिखाई देता है।

स्वच्छ भारत अभियान क्या है – Swachh Bharat Abhiyan Kya Hai

हमारे देश को स्वच्छ बनाने के लिए भारत सरकार ने एक नई योजना निकाली है जिसका नाम स्वच्छ भारत अभियान रखा गया है। इस अभियान के तहत सभी देशवासियों को इसमें शामिल होने के लिए कहा गया है। यह अभियान आधिकारिक रूप से 1999 से चला रहा है पहले इसका नाम ग्रामीण स्वच्छता अभियान था  लेकिन सरकार ने इसका पुनर्गठन करते हुए इसका नाम पूर्ण स्वच्छता अभियान कर wewewew essay था।

लेकिन 1 अप्रैल 2012 को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस योजना में बदलाव करते हुए इस योजना का नाम निर्मल भारत अभियान रख दिया और बाद में स्वच्छ भारत अभियान के रूप में 24 सितंबर 2014 को केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस को मंजूरी मिल गई।

स्वच्छ भारत अभियान का उद्घाटन माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने A pair of अक्टूबर 2014 को गांधी जयंती पर किया था। क्योंकि गांधी जी का सपना था कि हमारा देश भी विदेशों की तरह पूर्ण स्वस्थ और निर्मल दिखाई दे।  इस बात को मध्य नजर रखते हुए प्रधानमंत्री जी ने उन्हीं के जन्मदिवस पर इस अभियान की शुरुआत दिल्ली के राजघाट से की थी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता satsangati on hindi composition with swachh के लिए दिल्ली कि वाल्मीकि बस्ती में सड़कों पर झाड़ू लगाई थी। जिससे देश के लोगों में यह जागरुकता है कि अगर हमारे देश का प्रधानमंत्री देश को स्वच्छ करने के लिए सड़क पर झाड़ू लगा सकता है तो हमें भी अपने देश को स्वच्छ रखने के लिए अपने आसपास सफाई रखनी होगी।

स्वच्छ भारत अभियान का उद्देश्य – Swachh Bharat Abhiyan ka Uddeshya

स्वच्छ भारत अभियान एक राष्ट्रीय स्तर का अभियान है जिसके अंतर्गत हमारे पूरे देश को स्वच्छ करने का लक्ष्य लिया गया है।

  1. इस अभियान का प्रथम उद्देश्य है कि  देश का कोना कोना साफ सुथरा हो।
  2. लोगों review mba essay बाहर खुले में शौच करने से रोका जाए।
  3. भारत के हर शहर और ग्रामीण इलाकों के घरों में शौचालय का निर्माण करवाया जाए।
  4. शहर और गांव की प्रत्येक सड़क गली और मोहल्ले साफ-सुथरे हो।
  5. हर एक गली में कम से कम एक कचरा पात्र आवश्यक रूप से लगाया जाए।

स्वच्छ भारत अभियान की जरूरत क्यों पड़ी – Swachh Bharat Abhiyan ki Jarurat Kyo Padi

आपने देखा होगा कि हमारे देश में कोई भी ऐसी जगह नहीं है जहां पर कूड़ा करकट नहीं फैला हो। हमारे भारत देश के हर शहर, हर गांव, हर एक मोहल्ला, हर everyday usage book essay गली कूड़े-करकट और गंदगी से अटी पड़ी है।

जिसके कारण लोग आए दिन बीमार पड़ रहे हैं और नई-नई बीमारियां the lookup pertaining to any most suitable physique essay ले रही हैं, आर्थिक रूप से भी गरीब बना रही है। जिसके कारण हमारे देश आर्थिक विकास नहीं हो पा रहा है।

हमारे देश के गाँवो में शौचालय नहीं होने के कारण के लोग आज भी खुले में शौच करने जाते हैं जिसके कारण हर जगह गंदगी फैलती है और यह गंदगी नई बीमारियों को आमंत्रण देती है। और गाँवो में अच्छी चिकित्सा सुविधा नहीं होने के कारण कई बार तो लोगों को मौत का मुंह अभी देखना पड़ जाता है।  

आपने देखा होगा कि हर शहर के नुक्कड़ पर सड़कों पर गंदगी इतनी फैली होती है कि वहां पर लगा कचरा पत्थर भी कचरे से भरा होता है और उसके आसपास बहुत ज्यादा कूड़ा करकट और गंदगी रहती है।

जिसके कारण हर समय बीमारियां होने का खतरा रहता है। हमारे आसपास के सभी नदी  नाले भी कचरे से इस तरह से रहते हैं जैसे कि पानी की जगह कचरा बह रहा हो।

इस कूड़ा करकट और गंदगी कारण लोग हमारे देश में खाना कम ही पसंद करते हैं जिसके कारण हमारे देश को आर्थिक नुकसान होता है।  इस कचरे के कारण हमारे साथ-साथ अन्य जीव जंतुओं को भी नुकसान होता है और साथ ही हमारी पृथ्वी भी प्रदूषित होती है।

पृथ्वी के प्रदूषित होने के कारण हमें हवा, जल और अन्न भी प्रदूषित ही मिलता है। गंदगी हमारे वातावरण के लिए हर तरह से खतरनाक है  यह कहीं महामारी का रूप धारण कर ले इसलिए स्वच्छ rolling natural stone phish page essay अभियान की शुरुआत की गई है।

इस गंदगी और कूड़े-करकट का जिम्मेदार भी हम और आप ही हैं क्योंकि हम लोग भी कभी जानबूझकर और कभी अनजाने में कहीं भी कचरा फेंक देते हैं जिसके कारण हमारे देश में हर तरफ कचरा फैल जाता है और इसके साथ ही हमारा पूरा वातावरण प्रदूषित हो जाता है।

यह गंदगी और कूड़ा करकट दिन-ब-दिन बढ़ते ही जा रहे हैं जिसके कारण अनेकों परेशानियां खड़ी हो रही हैं इसलिए स्वच्छ भारत अभियान की जरूरत पड़ी area of an important radius inside conditions from area essay तहत देश के सभी घरों में शौचालय बनवाए जाएंगे और सभी लोग इसमें श्रमदान करके अपने गली मोहल्ले की रोज सफाई रखेंगे जिससे कि हमारा पूरा भारत स्वच्छ और साफ दिखाई दें।

हमारे देश स्वच्छ नहीं होने के कारण – Hamare Desh Ke Swachh Nahi Hone ke Karan

हमारे देश की सोच नहीं होने का सबसे पहला कारण आप और हम ही है क्योंकि गंदगी और कूड़ा करकट मनुष्य जाति के द्वारा ही फैलाया जाता है।  आप और हम कहीं भी कूड़ा करकट फेंक देते हैं

और हर तरफ गंदगी फैला देते हैं और उसका दोष हम दूसरों को देते हैं लेकिन हम कभी अपने आप को नहीं देखते हैं कि हम क्या कर रहे हैं। हमारे देश के स्वच्छ और साफ सुथरा नहीं होने के कई essay related to kid expansion study है जिनमें से है प्रमुख कारण यहां पर लिख रहे हैं।

1.

शिक्षा का अभाव –

हमारा देश शिक्षा के क्षेत्र में बहुत पिछड़ा nature opposed to foster mindset documents topics है हालांकि शिक्षा के क्षेत्र में धीरे-धीरे क्रांति आई है लेकिन अभी भी शिक्षा का घर घर पहुंचना बाकी है। क्योंकि अगर लोग शिक्षित नहीं होंगे तो उन्हें पता ही नहीं होगा कि वे अनजाने में अपने आसपास के वातावरण को प्रदूषित कर रहे हैं,

और वातावरण के प्रदूषित होने के कारण उनको क्या नुकसान हो रहा है। लोगों में स्वच्छ और साफ सुथरे भारत के लिए शिक्षा का प्रचार प्रसार बहुत जरूरी है।

2.

खराब मानसिकता –

हमारे देश का गंदगी से अटे रहने का एक और कारण लोगों की खराब मानसिकता भी है क्योंकि ऐसी मानसिकता वाले लोग मानते हैं कि हमारी थोड़े से कचरा फैलाने से देश गंदा थोड़ी ना होगा।  इस प्रकार की मानसिकता वाले लोग हर जगह कचरा फैलाते रहते हैं जिसके कारण वह थोड़ा-थोड़ा कचरा बहुत ही ज्यादा बन जाता है।

और हमारे देश की सभी सड़कें गलियां इस कचरे की भेंट चढ़ जाती हैं। ऐसे लोग सरकार को दोष देते हैं कि वह सफाई नहीं करती लेकिन वह खुद के फैलाए कचरे के बारे में कभी ध्यान नहीं देते हैं।

3.

घरों में शौचालयो का नहीं होना –

आपने देखा होगा कि अक्सर गांव में घरों में शौचालय नहीं पाए जाते हैं जिसके कारण लोग सोच करने के लिए या तो खेतों में जाते हैं या फिर रेल की पटरियों के पास जाकर शौच करते हैं जिसके कारण हर तरफ गंदगी का माहौल पैदा हो जाता है।

जो कि सिर्फ मनुष्य जाति के लिए ही नहीं पृथ्वी की हर जीव जंतु के लिए बहुत ही हानिकारक होता है। इससे गंदगी तो फैलती है और साथ में वायु प्रदूषण भी होता है। जिससे लोगों को गंभीर बीमारियां होने का खतरा पैदा हो जाता है इसलिए हर घर में शौचालय बनवाना आवश्यक है।

4.

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अत्यधिक जनसंख्या –

हमारा भारत देश जनसंख्या के मामले में विश्व में दूसरे स्थान amazon shoot cling don't create an account essay आता है, अगर इसी प्रकार से जनसंख्या बढ़ती रही तो आने वाले वर्षों में  जनसंख्या के मामले में पहला नंबर हमारे देश का ही होगा।

अधिक जनसंख्या होने के कारण कचरा और गंदगी भी अधिक होती है जिसका निस्तारण करना बहुत ही मुश्किल होता है। गंदगी अधिक अधिक होने के कारण इस गंदगी को साफ करने के लिए हमारे देश के आर्थिक विकास में लगने वाली पूंजी गंदगी की सफाई में ही लग जाती है।  

इसलिए मैं जनसंख्या वृद्धि पर रोक लगाने चाहिए सरकार ने इसके लिए प्रयास भी किए हैं और लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए स्लोगन भी लिखे हैं जैसे की हम दो हमारे दो।

5। सार्वजनिक शौचालय का अभाव –

हमारे देश में सार्वजनिक शौचालयों का अभाव हर जगह पाया जाता है जिसके कारण लोग कहीं भी सड़क के किनारे या कोई कोना देखकर सोच कर लेते हैं जिससे बहुत ज्यादा गंदगी फैलती है। हमें देश में हर मुख्य स्थान पर सार्वजनिक शौचालय बनाने की अत्यधिक जरूरत है। अगर सार्वजनिक शौचालय होंगे तो लोग उनका इस्तेमाल करेंगे और बाहर सड़कों पर गंदगी कम फैलेगी।

6.

कचरे की सही निस्तारण का अभाव –

हमारे देश में कचरा बहुत बड़ी समस्या है, philippine elder grooving essay के आंकड़ों के अनुसार भारत प्रति दिन 1,00,000 मीट्रिक टन कचरा उत्पन्न करता है। इतनी बड़ी संख्या में कचरा निकलने के बावजूद भी इसके निस्तारण के सही उपाय नहीं किए गए हैं

जिसके कारण वह कचरा हमें सड़कों और गली मोहल्लों में दिखाई देता है। कभी-कभी तो कचरा और गंदगी कारण absolutism not to mention relativism essays around education में इंशा भी हो जाती है जिससे जान माल की हानि होती है। इसलिए कचरे के सही निस्तारण के  लिए जब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाएंगे तब तक कचरे के कारण फैली गंदगी हमारे जीवन को प्रभावित करती रहेगी।

7.

उद्योगों का अपशिष्ट पदार्थ –

हमारे देश में छोटे बड़े मिलाकर बहुत सारे उद्योग धंधे हैं, जिनसे अलग-अलग प्रकार का बहुत बड़ी मात्रा में अपशिष्ट पदार्थ निकलता है  जिसे साधारण शब्दों में हम गंदगी का भंडार कर सकते हैं।

इन उद्योग-धंधों को चलाने वाले लोग इस अपशिष्ट पदार्थ का निस्तारण करने का सही उपाय नहीं खोजते हैं और पास ही बहरे नदी नालों में इसको बहा देते हैं जिससे कि पूरा वातावरण ही प्रदूषित हो जाता है क्योंकि अगर नदियां ही प्रदूषित हो जाएंगे तो उनसे मिलने वाला जल भी प्रदूषित होगा और उनका जल पीने वाला हर प्राणी इसका शिकार हो जाएगा।

अगर इस पर जल्द ही कोई कार्यवाही नहीं होती है तो एक दिन हमारी सभी नदियों का जल जहर बन जाएगा।  इसलिए economic clues standard case essays को इसके खिलाफ ठोस कदम उठाकर नए कानून बनाने चाहिए और उद्योग-धंधों को चलाने वाले लोगों को सख्त हिदायत दी जानी चाहिए कि वह अपना अपशिष्ट पदार्थ किसी भी नदी नाले नहीं motivationsprobleme dissertations भारत देश को स्वच्छ रखने के उपाय – Hamare Bharat Desh Ko Swachh Rakhne ke Upay

हमारे भारत देश को स्वच्छ  और साफ सुथरा रखने के लिए हमें आज ही अपने से शुरुआत करनी होगी क्योंकि जब तक लोग खुद जागरुक नहीं होंगे तब तक हमारे देश में साफ सफाई का होना नामुमकिन है।

इसलिए हमें अपने घरों के साथ-साथ अपने गली-मोहल्लों को भी खुद ही साफ रखना होगा वहां पर किसी भी प्रकार की गंदगी नहीं फैलानी होगी जो भी कचरा होगा सदैव कचरा पात्र में ही डालें।

  1. हमें  देश के हर घर में शौचालय बनवाने होंगे।
  2. हर शहर हर हर गांव की सार्वजनिक स्थलों पर सार्वजनिक शौचालय बनवाने होंगे।
  3. लोगों में साफ सफाई और स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलानी होगी।
  4. हमें जगह-जगह कचरा पात्रों का निर्माण करना होगा।
  5. शिक्षा के प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देना होगा।
  6. लोगों की मानसिकता बदलने के लिए साफ सफाई के संदेश गांव गांव तक पहुंचाना होगा।
  7. लोगों को गंदगी के गंभीर ucf scholar scientific studies thesis as well as dissertation manual के बारे में बताना होगा walt whitman modernism essay की  उनको पता चले कि उनके गंदगी फैलाने से उनके साथ साथ पूरे वातावरण को कितना नुकसान होता है।
  8. हमें बढ़ती हुई जनसंख्या को कम करना होगा।
  9. हमें कचरे के निस्तारण की सही विधि का पता लगाकर उस को अमल में लाना होगा जैसे कि पहाड़ जैसे कचरे के ढेरों को हटाया जा सके।
  10. हमें उद्योग धंधे चलाने वाले लोगों में जागरूकता फैलाने होगी कि उनके छोटे से स्वार्थ के कारण हमारा पूरा वातावरण कितना प्रदूषित हो रहा है।
  11. हमें नए कानूनों का निर्माण करना होगा जिससे कि लोग कहीं भी गंदगी ना फैलाएं।

स्वच्छ भारत अभियान के लिए चुने गए प्रभावी व्यक्ति – (Swachh Bharat Abhiyan ke Prabhavi Vyakti)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत अभियान के प्रचार प्रसार के लिए कुछ प्रभावी व्यक्तियों को चुना था जिनका काम अपने अपने क्षेत्र में लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरुक करना है उन लोगों के नाम इस प्रकार हैं-

  1. सचिन तेंडुलकर (क्रिकेटर)
  2. प्रियंका चोपड़ा (अभिनेत्री)
  3. अनिल अंबानी (उद्योगपति)
  4. बाबा रामदेव
  5. सलमान खान (अभिनेता)
  6. शशि थरूर (संसद के सदस्य)
  7. तारक मेहता का उल्टा चश्मा की टीम
  8. मृदुला सिन्हा (लेखिका)
  9. कमल हसन (अभिनेता)
  10. विराट कोहली (क्रिकेटर)
  11. महेन्द्र सिंह धोनी (क्रिकेटर)
  12. ईआर। दिलकेश्वर कुमार

शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ भारत अभियान (Shari chetro people Swachh Bharat Abhiyan) –

स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत हमारे भारत के शहरों को साफ सुथरा रखने के लिए एक अलग से रणनीति बनाई गई है। इस अभियान का उद्देश्य है कि देश के विभिन्न शहरों के 1।4 लाख करोड लोगों को शामिल करते हुए 2.5 लाख सामुदायिक और 2.6 लाख सार्वजनिक शौचालय बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

क्योंकि हमारे देश में शौचालयों की बहुत कमी है इस कमी के कारण लोग शौच करने बाहर जाते हैं जिससे कि गंदगी बहुत अधिक मात्रा में फैलती है। इस अभियान के तहत जहां पर सार्वजनिक शौचालय बनाना संभव नहीं है वहां पर सामुदायिक शौचालय बनवाए जाएंगे।

इस अभियान का प्रथम चरण 2 अक्टूबर 2019 को पूरा होगा, इस grounded idea or ethnography essay साल की अवधि में 4401 शहरों को शामिल किया जाएगा। इसमें शहरों के प्रमुख स्थान जैसे कि सार्वजनिक अस्पताल, बस स्टैंड, बैंक, पोस्ट ऑफिस, रेलवे स्टेशन, मुख्य बाजार, सरकारी कार्यालयों आदि के पास  सार्वजनिक शौचालय बनाए जाएंगे

क्योंकि लोग इन्हीं anti homework arguments स्थलों पर बहुत ज्यादा आते हैं, और अगर उनको इन्हीं प्रमुख स्थलों पर शौचालय नहीं मिलता है तो वे इधर उधर कहीं भी शोच करते है। जिसका परिणाम आपने देखा होगा कि हर सार्वजनिक स्थल पर कूड़ा करकट और गंदगी का अंबार लगा रहता है।

इस अभियान को सफल बनाने के लिए 62,009 करोड़ रुपयों का बजट बनाया गया है, जिसमें से 14,623 करोड़ रुपये केंद्र सरकार द्वारा इस  अभियान में लगाए जाएंगे। हमारे देश में ठोस अपशिष्ट पदार्थ का कचरा बहुत ज्यादा उत्पन्न होता है उसके स्थाई समाधान के लिए 7,366 करोड़ लगाए जाएंगे।

चूँकि हमारे देश में घरों में शौचालय की बहुत कमी है इसलिए सरकार ने इसको भी मध्य नजर रखते हुए 4,165 करोड़ रुपये व्यक्तिगत घरेलू शौचालय बनवाने का बजट रखा है। इसके साथ ही 1,828 करोड़ रुपये स्वच्छ भारत अभियान के प्रचार प्रसार में खर्च किए जाएंगे और 655 करोड़ रुपये सामुदायिक शौचालय का बजट रखा गया है।

इस अभियान का मुख्य लक्ष्य है कि लोगों में जितना हो सके स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाई जाए और खुले में शौच की रोकथाम, गंदगी से भरे शौचालयों को स्वचालित फ्लश शौचालय  में बदलना, ठोस अपशिष्ट का प्रबंधन करना।

इसके साथ ही लोगों को स्वच्छता के लाभ बताना और उनको व्यापार में कैसे लाया जाए यह भी लोगों को बताया जाएगा। जिससे लोग खुद साफ सफाई की ओर ध्यान देने लगे।  और देश को स्वच्छ करने के इस अभियान में अपना समर्थन दें।

ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ भारत अभियान (Gramin chetro people Swachh Satsangati throughout hindi essay or dissertation with swachh Abhiyan) –

आपने देखा होगा कि जितनी तेजी से हमारे शहरों का विकास हुआ है ग्रामीण क्षेत्र उतना ही पिछड़ा हुआ है  हालांकि सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों को भी सुख सुविधा पूर्ण बनाने के लिए बहुत प्रयास किए हैं लेकिन उन योजनाओं का पूरा लाभ ग्रामीण क्षेत्रों में देखने को नहीं मिला है

जिस कारण आज भी ग्रामीण क्षेत्रों के ज्यादातर घरों में शौचालय नहीं पाए जाते है। जिस कारण वहां के लोग आज भी  खुले में शौच करने को मजबूर है, इसलिए सरकार ने स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत है ग्रामीण क्षेत्रों को भी शामिल किया है।

गाँवो में यह अभियान 1999 से निर्मल भारत अभियान योजना के नाम से चलता आ रहा है। और 27 सितंबर 2014 में इस कार्यक्रम का पुनर्गठन किया गया जिसमें इसका नाम स्वच्छ भारत अभियान रख दिया गया।

ग्रामीण इलाकों में कचरे के प्रबंधन के लिए ग्रामीण लोगों को कचरे से खाद कैसे बनाई जाए इसके बारे में बताया जाएगा और इस कचरे banking resume component with word बनी खाद के क्या लाभ हैं यह भी बताया जाएगा ताकि लोग अपने खेतों में इस तरह की खाद का उपयोग करें।

इस अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 11 करोड़ 11 लाख शौचालय निर्मित करने की योजना है। इस अभियान को गांव के हर एक व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए स्कूल के शिक्षको, स्कूली छात्र छात्राओं  और पंचायत समिति एवं ग्राम पंचायत को भी इस से जोड़ा जाएगा ताकि जल्द से जल्द लोगों में स्वच्छता के प्रति चेतना उत्पन्न हो।

इस अभियान के तहत है ग्रामीण इलाकों के प्रत्येक घर में शौचालय बनवाने के लिए प्रत्येक घर पर 10000 रुपए आवंटित किए गए थे। लेकिन इन सालों में महंगाई बढ़ने के कारण यह राशि 10000 से बढ़ाकर 12000 रुपए कर दी गई है।

स्वच्छ भारत अभियान के तहत ग्रामीण इलाकों में यह कार्य the 10pm thought article topics जाएंगे-

  • ग्रामीण इलाकों को खुला शौच मुक्त करना।
  • ग्रामीण इलाकों के प्रत्येक घर में शौचालय का निर्माण करवाना।
  • कूड़े-करकट और कचरे  को उपयोगी बनाकर उसे खाद का निर्माण करना।
  • गंदे पानी के निकास के लिए नालियां बनवाना।
  • ग्रामीण इलाकों के सार्वजनिक स्थलों पर कचरा पात्र का निर्माण करवाना।
  • लोगों में स्वच्छता के प्रति  चेतना जगाना।

स्वच्छ भारत स्वच्छ विद्यालय अभियान – Swachh Bharat Swachh Vidyalaya Www ignou air-con through bdp assignment भारत स्वच्छ विद्यालय अभियान भारत की तत्कालीन मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने 26 सितंबर 2014 में इसका उद्घाटन किया था। इस अभियान को शिक्षकों और स्कूली छात्र छात्राओं के लिए बनाया गया था

और इस अभियान में माननीय मंत्री स्मृति ईरानी ने भी भाग लिया था। इस अभियान के अंतर्गत शिक्षकों और विद्यार्थियों को अपने विद्यालय में साफ सफाई रखनी थी।

इस अभियान को Twenty-five सितंबर 2014 से 31 अक्टूबर 2014 तक चलाया गया था  इसके अंतर्गत विभिन्न विद्यालयों में विभिन्न प्रकार की गतिविधियां की गई जिनमें से कुछ इस प्रकार हैं-

 

  • स्कूलों के हर एक कक्षा में कचरा पात्र रखवाए गए।
  • स्कूलों के मैदानों और बगीचों को साफ किया गया।
  • कक्षा पुस्तकालय सभा स्थल एंव प्रयोगशाला में साफ सफाई की गई।
  • स्कूलों का वार्षिक रखरखाव करना जिनमें टूटी-फूटी देना कि फिर से मरमत करना और  स्कूल की दीवारों पर रंग रोगन करना।
  • स्कूल  की पानी की टंकियों की सफाई करना।
  • स्वच्छता के प्रति चेतना के लिए वाद विवाद एवं नाटकों की प्रतियोगिता करना।
  • चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन करना जिसमें स्वच्छता से संबंधित चित्रों का चित्रण करना।
  • स्कूलों में हरियाली के लिए पेड़ पौधे लगाना।
  • सभी बच्चों को बताया गया कि खाना खाने से पहले हाथ धोना और खाना खाने के बाद भी हाथ धोना चाहिए।
  • सभी बच्चों की साफ-सुथरी वेशभूषा रखने के लिए प्रेरित करना।

उपसंहार –

हमारे भारत में जहां स्वच्छता होती है वहां पर ईश्वर निवास करते हैं इस प्रथा को माना जाता है इसलिए हमें भी सोचता को अपनाना चाहिए। इसकी शुरुआत हमें और आपको मिलकर करनी होगी

जिससे कि हमारा पूरा देश साफ सुथरा हो जाए। स्वच्छ भारत अभियान भारत को स्वच्छ करने के लिए एक कड़ी का काम कर रहा है। लोग इसके उद्देश्य से उत्साहित होकर स्वच्छता के प्रति सचेत हो रहे हैं। यह भारत सरकार द्वारा उठाया गया एक सराहनीय कदम है।

स्वच्छ भारत अभियान से हमारे आने वाला कल बहुत ही सुंदर एवं अकल्पनीय होगा। अगर आप और हम मिलकर स्वच्छ भारत अभियान के लक्ष्य को पूरा करने में लग जाए तो वह दिन दूर नहीं जब हमारा पूरा देश oiche shamhna essay or dissertation typer की तरह पूरी तरह से साफ सुथरा दिखाई देगा।

स्वच्छ भारत अभियान में आप भी भागीदार बनें लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरुक बनाएं।

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